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खुदाया करम इतना सा तू फरमा

Amit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सितमगर
        
                                                    
                            
कुछ शिकवे ऐसे भी होंगे,
जो गुनहगार कर जायेंगे मुझे,
इसका यह मतलब नहीं
तुम सितमगर हो गए...
बात सिर्फ इतनी सी है
तुमने जीता सबका दिल
जग जीतने के बाद भी
हम तुमसे खाली रह गए
तुमने सहा नादानियों को मेरी,
यह अबके बरस क्यों कर हुआ,
हमने जो कहना न था
वो भी तुमसे कह गए
तुम खुद को खतावार न कहो
कोई खता तन्हा नहीं
महफ़िलों की गुस्ताख़ियों को भी
हम सजदा समझकर सह गए
एक बात और तुमसे कहूं
गर कर सको मेरा यकीं
तुम्हारी खुशी ही अपनी खुशी
बस यह कहते हुए
हम हमेशा रह गए
मेरे दिल की दुआओं का
बस है इतना ही सरमाया
रहे होंठों पर तेरे हँसी
खुदाया करम इतना सा तू फरमा
यहीं सांसें मेरी कहे तुमसे
जो अभी शब्द मेरे हैं कह गए....
-आचार्य अमित
3 घंटे पहले
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