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चलो इस बहाने मेरी शायरी का सिलसिला बदल गया।

Amit Ji

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कोलाहल के इस शोर में, किसी का दिल दहल गया,
        
                                                    
                            
पत्तियों की चरचराहट में, एक फूल मसल गया।

शेर उनके लिए क्या लिखा, दिल सभी का बहल गया,
चलो इस बहाने मेरी शायरी का सिलसिला बदल गया।
2 घंटे पहले
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