कोलाहल के इस शोर में, किसी का दिल दहल गया,
पत्तियों की चरचराहट में, एक फूल मसल गया।
शेर उनके लिए क्या लिखा, दिल सभी का बहल गया,
चलो इस बहाने मेरी शायरी का सिलसिला बदल गया।
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