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मेरे गाँव की मिट्टी ही मेरी पहचान।

Akshit

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पहाड़ों की गोद में बसा मेरा गाँव,
        
                                                    
                            
जहाँ सुकून की खुशबू, अपनों का प्यार।
खेतों की हरियाली, चिड़ियों की तान,
मिट्टी की खुशबू में बसती मेरी जान।

न दौलत की चाह, न शोहरत का अभिमान,
छोटे-छोटे घर, पर बड़े-बड़े अरमान।
दुनिया में घूम लूँ चाहे चारों धाम,
मेरे गाँव की मिट्टी ही मेरी पहचान।
3 घंटे पहले
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