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नाच नाच कर दिल बहलाए

AdvDeepak Rathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पढ़ते,लिखते,और खेलते बच्चे
        
                                                    
                            
“रो रो कर घर सर पर उठाये
नाच नाच कर दिल बहलाए
सब की आखो के चाँद सितारा कह लाये
बच्चे घर की रोनक दीपक और प्रकाश कहा लाये
कुछ को उमीद की किरण,ज्योति दिखलाये
बच्चे भविष्य की रौशनी बन कर
माँ बाप के सपनों की उड़न बन कर
बच्चे पढ़ लिख और खेल कर आशा की उमीद बन जाए
बच्चे पढ़ लिख और खेल कर आशा की उमीद बन जाए” ||
13 घंटे पहले
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