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आज बताये बिन न रहूंगा वो मुखड़ा तुम्हारा है

Abhishek Jha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस दुनिया में मुझको जो इक चेहरा सबसे प्यारा है
        
                                                    
                            
आज बताये बिन न रहूँगा वो मुखड़ा तुम्हारा है ।

जिसने डेरा डाला है बचपन से मेरे ख्वाबों में
जिसकी इक तस्वीर छुपा बचपन से रखा है किताबों में
जिसके इश्क़ में बन के फकीरा हमने तन मन हारा है
आज बताये बिन न रहूँगा वो चेहरा तुम्हारा है।

इश्क़ मुहब्बत की परिभाषा जब से हमने जान लिया
तबसे मेरे दिल नें तुझको अपना धड़कन मान लिया
मुद्दत से जिसकी चाहत में दिल बेताब हमारा है
आज बताये बिन न रहूँगा वो मुखड़ा तुम्हारा है।

शब को ख्वाब से जब भी जागा जी भर हमनें चूम लिया
बाहों से लिपटी तकिया रुखसार समझ के चूम लिया
जिसके हिस्से का बोसा तकियों पर हमने वारा है
आज बताये बिन न रहूँगा वो चेहरा तुम्हारा है

जिसके इश्क़ में बन के फकीरा हमने तन मन हारा है
आज बताये बिन न रहूँगा वो मुखड़ा तुम्हारा है ।
 
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4 वर्ष पहले
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