विज्ञापन

भाग 2: कोई हमे क्यों प्यार करे

Abhishek Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गरजते बादल से भी पूछता हूँ
        
                                                    
                            
गरजते बादल से भी पूछता हूँ
हमें कोई याद क्यों करेगा
मुस्कान की तेज़ धार देते हुए वो
निकल जाते हैं कहीं, हम जब भी
मिलने की कोशिश करते हैं, तो वो
कुछ कह कर टाल देते हैं,
शायद
कभी देखेंगे
लगता है कोई नहीं मेरे लिए
कभी कभी
कभी और भी ?
हमें क्यों कोई याद करेगा
शायद,
क्यों
परन्तु परंतु
की परिभाषा दे कोई...
5 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10736 कविताएं

View Profile