विज्ञापन

माँ की ममता

Abhinay Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माँ है ममता की सागर,भरती है प्रेम की गागर l
        
                                                    
                            
जीवन में सिर्फ उनके प्यार भरा है और स्नेह का अंबार भरा है l
लोरियां हमें सुनाती, कहानियों से मन बहलाती l
संस्कार और शिष्टाचार का, हमारा ज्ञान बढ़ाती l
वो है प्यारी माँ, जो हमको हमारा राह दिखाती l
पल भर भी दूर हो जाऊँ ,तो हरपल उनकी याद सताती l
हॅसना हमें उन्होंने सिखाया, जीवन का पहाड़ा समझाया l
रास्ते में कहीं रुक न जाए, हमारा हौसला बढ़ाया |
लेकिन आज की परिस्थिति देखो, माँ की स्थिति देखो l
बेटे-बेटियों ने तिरस्कार किया, बहुओं ने बहिष्कार किया l
फिर भी वो माँ है, जिन्होंने हमेशा अपने बच्चों से प्यार किया l
मेरे प्यारे भाईयों सुनो, दोस्तों और दुनियादारो सुनो |
माँ है ममता की मुरत, बसती है इनमें भगवान की सूरत l
इनका न तिरस्कार करो, ये है हमारी बड़ी जरूरत l
अथाह प्यार हमने पाया, पैसा और नाम खूब कमाया l
लेकिन हमारा वजूद क्या है, हमने इनके प्यार को ठुकराया?
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

kamal jha

90 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10985 कविताएं

View Profile