माँ है ममता की सागर,भरती है प्रेम की गागर l
जीवन में सिर्फ उनके प्यार भरा है और स्नेह का अंबार भरा है l
लोरियां हमें सुनाती, कहानियों से मन बहलाती l
संस्कार और शिष्टाचार का, हमारा ज्ञान बढ़ाती l
वो है प्यारी माँ, जो हमको हमारा राह दिखाती l
पल भर भी दूर हो जाऊँ ,तो हरपल उनकी याद सताती l
हॅसना हमें उन्होंने सिखाया, जीवन का पहाड़ा समझाया l
रास्ते में कहीं रुक न जाए, हमारा हौसला बढ़ाया |
लेकिन आज की परिस्थिति देखो, माँ की स्थिति देखो l
बेटे-बेटियों ने तिरस्कार किया, बहुओं ने बहिष्कार किया l
फिर भी वो माँ है, जिन्होंने हमेशा अपने बच्चों से प्यार किया l
मेरे प्यारे भाईयों सुनो, दोस्तों और दुनियादारो सुनो |
माँ है ममता की मुरत, बसती है इनमें भगवान की सूरत l
इनका न तिरस्कार करो, ये है हमारी बड़ी जरूरत l
अथाह प्यार हमने पाया, पैसा और नाम खूब कमाया l
लेकिन हमारा वजूद क्या है, हमने इनके प्यार को ठुकराया?
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