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हिन्दी  का  ही  तोता  हूँ मैं

Abdul Hameed

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हिन्दी   हिन्दी
        
                                                    
                            

हिन्दी  मे  ही  बोता  हूँ  मैं
हिन्दी  में  ही  खोता  हूँ मैं

हँसता गाता  हिन्दी  में ही
हिन्दी  में  ही  रोता  हूँ  मैं

खूब  लगाता  इसमें  गोते
खुश भी इसमें होता  हूँ मैं

कोरस  मेरे  हिन्दी   में  ही
हिन्दी  का  ही  तोता  हूँ मैं

जब होता है  ग़म कोई तो
पलकें खूब भिगोता  हूँ मैं
-हमीद कानपुरी
 
3 घंटे पहले
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