विज्ञापन

कुछ रसों का अनुपम संग्रह

Anonymous User

Mera Shahar Mera Shayar
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            कुछ रसों का अनुपम संग्रह
        
                                                    
                            
कुछ शब्द , कुछ पंक्तियाँ क्रमशः
कुछ अल्फाज,कुछ भावों का संग्रह
कविता बन जाती है।

कुछ प्यारी-प्यारी बातें
कुछ प्यारी-प्यारी यादें
कुछ प्यारी सी मुस्कान
कुछ पलों की दास्तान
कविता बन जाती है।

कभी प्यारी सी रातें
कुछ लोगों की यादें
कभी मौसम के रंग में
कुछ अपनों के संग में
कविता बन जाती है।

कुछ चाँदनी रातें,
कुछ लोगों की आवाजें
कुछ प्रेमी-प्रेमीयो की बातें,
कुछ दर्द भरे नगमों की
कविता बन जाती है।

प्रकृति सौन्दर्य और नारी गरिमा,
प्रकृति की परिकल्पना।
नारी सौन्दर्य और वतन की गरिमा,
कवि की सु-मधुर कल्पना
कविता बन जाती है।

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 
 
7 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anurag vishwkarma (aiyaar)

8 कविताएं

View Profile

Priya Mehra

1 कविता

View Profile

Md Iftekhar

4 कविताएं

View Profile