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तस्वीरों पर ये हैं 20 बड़े शेर...

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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                                                  तस्वीरें लम्हों को सजोने का एक ख़ूबसूरत ज़रिया हैं और लमहे एक शायर की ज़िंदगी में बेदह अहम भूमिका अदा करते हैं, आइए पढ़ते हैं शायरों के तस्वीरों पर लिखे ये कलाम 

जिसकी आवाज़ में सिलवट हो, निगाहों में शिकन
ऐसी तस्वीर के टुकड़े नहीं जोड़े जाते
- गुलज़ार

तस्वीर मैंने मांगी थी शोखी तो देखिए
इक फूल उसने भेज दिया है गुलाब का 
- अन्दलीब शादानी
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तेरी सूरत से किसी की नहीं मिलती सूरत
हम जहां में तेरी तस्वीर लिए फिरते हैं 
- नासिख़

क्या जुदाई का असर है कि शबे तन्हाई
तेरी तस्वीर से मिलती नहीं सूरत मेरी 
- दाग़ देहलवी 

आपने तस्वीर भेजी मैंने देखी ग़ौर से
हर अदा अच्छी ख़मोशी की अदा अच्छी नहीं
- जलील मानिकपूरी

आता था जिस को देख के तस्वीर का ख़याल
अब तो वो कील भी मेरी दीवार में नहीं
- ग़ुलाम मुर्तज़ा राही

अपनी तस्वीर बनाओगे तो होगा एहसास
कितना दुश्वार है ख़ुद को कोई चेहरा देना
- अज़हर इनायती

चाहिए उस का तसव्वुर ही से नक़्शा खींचना
देख कर तस्वीर को तस्वीर फिर खींची तो क्या
- बहादुर शाह ज़फ़

चुप-चाप सुनती रहती है पहरों शब-ए-फ़िराक़
तस्वीर-ए-यार को है मेरी गुफ़्तुगू पसंद
- दाग़ देहलवी

एक कमी थी ताज-महल में
मैंने तेरी तस्वीर लगा दी
- कैफ़ भोपाली

इक बार तुझे अक़्ल ने चाहा था भुलाना
सौ बार जुनूँ ने तेरी तस्वीर दिखा दी
- माहिर-उल क़ादरी

जिस से ये तबीअत बड़ी मुश्किल से लगी थी
देखा तो वो तस्वीर हर इक दिल से लगी थी
- अहमद फ़राज़

कोई तस्वीर मुकम्मल नहीं होने पाती
धूप देते हैं तो साया नहीं रहने देते
- अहमद मुश्ताक़

कुछ तो इस दिल को सज़ा दी जाए
उस की तस्वीर हटा दी जाए
- मोहम्मद अल्वी

तेरी तस्वीर तो वादे के दिन खींचने के क़ाबिल है
कि शर्माई हुई आँखें हैं घबराया हुआ दिल है
- नज़ीर इलाहाबादी

ज़िंदगी भर के लिए रूठ के जाने वाले
मैं अभी तक तिरी तस्वीर लिए बैठा हूँ
- क़ैसर-उल जाफ़री

हम हैं उस के ख़याल की तस्वीर
जिस की तस्वीर है ख़याल अपना
- फ़ानी बदायुनी

वो अयादत को तो आया था मगर जाते हुए
अपनी तस्वीरें भी कमरे से उठा कर ले गया
- अर्श सिद्दीक़ी

सूरत छुपाइए किसी सूरत-परस्त से
हम दिल में नक़्श आप की तस्वीर कर चुके
- अनवर देहलवी

सोचता हूँ तेरी तस्वीर दिखा दूँ उस को
रौशनी ने कभी साया नहीं देखा अपना
- इक़बाल अशहर
8 वर्ष पहले
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