विज्ञापन

ये हैं आज के टाॅप 4 शेर

रत्नेश मिश्र

Kavya Charcha
विज्ञापन
                                    
                     
                                                  जाने किस ने थप्पड़ मारा काले बादल के चेहरे पर
मैं ने देखा है बादल को ग़ुस्से में बरसा है कितना
~ख़लील रामपुरी
विज्ञापन

ये भोग भी एक तपस्या है तुम त्याग के मारे क्या जानो
अपमान रचियता का होगा रचना को अगर ठुकराओगे
~साहिर लुधियानवी

सारी गवाहियाँ तो मेरे हक़ में आ गईं
लेकिन मेरा बयान ही मेरे ख़िलाफ़ था
~नफ़स अम्बालवी

मसनूई बालों का थप्पड़ काफ़ी भारी होता है
उस की ज़ुल्फ़ों ने हिल हिल के रुख़्सारों को मार दिया
~खालिद इरफ़ान
7 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rohit Sharma

57 कविताएं

View Profile