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गणतंत्र दिवस 2021 - देशभक्ति से ओतप्रोत शायरों के अल्फ़ाज़

दीपाली अग्रवाल

Kavya Charcha
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दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त
मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी
- लाल चन्द फ़लक


इसी जगह इसी दिन तो हुआ था ये एलान
अंधेरे हार गए ज़िंदाबाद हिन्दोस्तान
- जावेद अख़्तर

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दिलों में हुब्ब-ए-वतन है अगर तो एक रहो
निखारना ये चमन है अगर तो एक रहो
- जाफ़र मलीहाबादी


वतन के जां-निसार हैं वतन के काम आएंगे
हम इस ज़मीं को एक रोज़ आसमां बनाएंगे
- जाफ़र मलीहाबादी

दुख में सुख में हर हालत में भारत दिल का सहारा है
भारत प्यारा देश हमारा सब देशों से प्यारा है
- अफ़सर मेरठी


भारत के ऐ सपूतो हिम्मत दिखाए जाओ
दुनिया के दिल पे अपना सिक्का बिठाए जाओ
- लाल चन्द फ़लक

नाक़ूस से ग़रज़ है न मतलब अज़ां से है
मुझ को अगर है इश्क़ तो हिन्दोस्तां से है
- ज़फ़र अली ख़ां


क्यूं जाए 'नज्म' ऐसी फ़ज़ा छोड़ कर कहीं
रहने को जिस के गुलशन-ए-हिन्दोस्तां मिले
- नज्म आफ़न्दी

कभी मधुर कभी मीठी ज़बां का शाइर हूं
इसी सनद से मैं हिन्दोस्तां का शाइर हूं
- अज़हर हाश्मी


हर मुल्क इस के आगे झुकता है एहतिरामन
हर मुल्क का है फ़ादर हिन्दोस्तां हमारा
- शौक़ बहराइची

5 वर्ष पहले
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