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Hug Day - दुश्मनों को भी गले लगाते शायरों के अल्फ़ाज़

दीपाली अग्रवाल

Urdu Adab
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आज तो यूं गले लग जाओ कि बस
फिर तो जाने तुम्हें कब कब देखें
- अनवार अंजुम


मोहब्बत में शायद कमी रह ही जाती
अगर तू गले लग के रोया न होता
- रोबीना बट

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तमाम उम्र का सौदा है एक पल का नहीं
बहुत ही सोच समझ कर गले लगाओ हमें
- मंज़र अय्यूबी


जो दूर रह के उड़ाता रहा मज़ाक़ मिरा
क़रीब आया तो रोया गले लगा के मुझे
- फ़रियाद आज़र

जाते जाते गले लगाता क्या
वो मिरा और दिल दुखाता क्या
- साइमा आफ़्ताब


पिघल रहे हैं हम इक फ़ासले पे बैठे हुए
गले लगो कि ये सीने की आग ठंडी हो
- राना आमिर लियाक़त

गिले करो कि मोहब्बत में जान पड़ जाए
गले लगो कि यूं रोने से सिलसिला रहेगा
- राना आमिर लियाक़त


वक़्त-ए-रुख़्सत गले लगा लेना
आख़िरी बार ये ख़ता कर दो
- फ़ैसल फेहमी

मैं चाहता हूं कि तुम ही मुझे इजाज़त दो
तुम्हारी तरह से कोई गले लगाए मुझे
- बशीर बद्र


आते ही जो तुम मेरे गले लग गए वल्लाह
उस वक़्त तो इस गर्मी ने सब मात की गर्मी
- नज़ीर अकबराबादी

3 वर्ष पहले
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