जान जाई त जाई, ना छूटी कभी
बा लड़ाई ई लामा, ना टूटी कभी
लड़ाई बड़ी है, कभी छूटेगी नहीं और ना ही कभी टूटेगी, चाहे जान भले ही चली जाए।
रात-दिन ई करम हम त करबे करब
आई त आई, ना रुकी कभी
रात-दिन कर्म हम करते रहेंगे।
बा दरद राग-रागिन के, गइबे करब
दुख आई त आई, ना झूठी कभी
दिल में अगर राग-रागिनी का दर्द है तो गाऊंगा ही। दु:ख आये तो आये।
साथ साथी के हमरा ई जबसे मिलल
नेह के ई लहरिया, ना सूखी कभी
मुझे साथी का साथ और जो प्रेम मिला है, वो प्रेम की लहर कभी टूटेगी नहीं।