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इश्क़ में बेवफाई पर ये हैं 20 चुनिंदा शेर...

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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                                                  धोखा हमेशा विश्वास के साथ लिपटा रहता है, जहां विश्वास होगा, धोखा भी वहीं मिलेगा। अविश्वास करने वाले धोखा बहु कम खाते हैं और खाते भी  हैं तो तक़लीफ कम होती है।  उसी तरह प्रेम करते हुए इस बात के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए कि ज़रूरी नहीं कि इश्क़ में हमेशा वफ़ा ही मिले, बेवफ़ाई भी मोहब्बत का एक परिणाम है। शायर इस बात को कई तरह से समझते हैं।शेरो-शायरी की श्रृंखला में पाठकों के लिए आज पेश है- बेवफ़ा शायरी। 

एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है
मैंने हर करवट सोने की कोशिश की
- गुलज़ार

रात बजती थी दूर शहनाई
रोया पीकर बहुत शराब कोई
- जावेद अख़्तर
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आज उस ने हंस के यूं पूछा मिज़ाज
उम्र भर के रंज-ओ-ग़म याद आ गए
- एहसान दानिश

अब तो कुछ भी याद नहीं है
हम ने तुम को चाहा होगा
- मज़हर इमाम

इश्क़ में कौन बता सकता है
किस ने किस से सच बोला है
- अहमद मुश्ताक़

आरज़ू वस्ल की रखती है परेशां क्या क्या
क्या बताऊं कि मेरे दिल में है अरमां क्या क्या
- अख़्तर शीरानी

जान-लेवा थीं ख़्वाहिशें वर्ना
वस्ल से इंतिज़ार अच्छा था
- जौन एलिया

कटती है आरज़ू के सहारे पे ज़िंदगी
कैसे कहूं किसी की तमन्ना न चाहिए
- शाद आरफ़ी

आख़िरी बार आह कर ली है 
मैं ने ख़ुद से निबाह कर ली है 
- जौन एलिया

दिल पे कुछ और गुज़रती है मगर क्या कीजे
लफ़्ज़ कुछ और ही इज़हार किए जाते हैं
- जलील ’आली’

एक दिन कह लीजिए जो कुछ है दिल में आप के
एक दिन सुन लीजिए जो कुछ हमारे दिल में है
- जोश मलीहाबादी

अजब चराग़ हूं दिन रात जलता रहता हूं 
मैं थक गया हूं हवा से कहो बुझाए मुझे 
- बशीर बद्र 

आशिक़ी में बहुत ज़रूरी है
बेवफ़ाई कभी कभी करना
- बशीर बद्र

दिल भी तोड़ा तो सलीक़े से न तोड़ा तुम ने
बेवफ़ाई के भी आदाब हुआ करते हैं
- महताब आलम
 

इस क़द्र मुसलसल थीं शिद्दतें जुदाई की
आज पहली बार उस से मैं ने बेवफ़ाई की
- अहमद फ़राज़

जो मिला उस ने बेवफ़ाई की
कुछ अजब रंग है ज़माने का
- मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

काम आ सकीं न अपनी वफ़ाएं तो क्या करें
उस बेवफ़ा को भूल न जाएं तो क्या करें
- अख़्तर शीरानी

कुछ तो मजबूरियां रही होंगी
यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता
- बशीर बद्र

तुम किसी के भी हो नहीं सकते
तुम को अपना बना के देख लिया
- अमीर रज़ा मज़हरी

आदतन तुमने कर लिए वादे
और आदतन हमनें ऐतबार कर लिया
- गुलज़ार
5 वर्ष पहले
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