इक नया रिश्ता पैदा क्यूं करें हम
बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूं करें हम
- जौन एलिया
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आप का एतिबार कौन करे
रोज़ का इंतिज़ार कौन करे
- दाग़ देहलवी
धूप निकली है बारिशों के बाद
वो अभी रो के मुस्कुराए हैं
- अंजुम लुधियानवी
जाने वाले से मुलाक़ात न होने पाई
दिल की दिल में ही रही बात न होने पाई
- शकील बदायुनी