बादल नाम तो एक ही है लेकिन इसके मायने भी अलग-अलग हैं और लोगों के लिए इसकी ज़रूरत भी। किसानों को बादल आशा देते हैं, प्यासों को राहत, नदियों को जल देते हैं और गर्मी को राहत। बिंब के रूप में भी इसके कई प्रयोग हैं। बादल को पहरे के तौर पर भी इस्तेमाल किया गया है। जानें क्या कहते हैं शायर बादलों के बारे में
अपना बादल तलाशने के लिए
उमर भर धूप में नहाए हम
- नवनीत शर्मा
दूर तक फैला हुआ पानी ही पानी हर तरफ़
अब के बादल ने बहुत की मेहरबानी हर तरफ़
- शबाब ललित
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धूप के बादल बरस कर जा चुके थे और मैं
ओढ़ कर शबनम की चादर छत पे सोया रात भर
- असलम आज़ाद
बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने
किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है
- निदा फ़ाज़ली
कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है
- कुमार विश्वास
ले गईं दूर बहुत दूर हवाएँ जिस को
वही बादल था मेरी प्यास बुझाने वाला
- इक़बाल अशहर
मन पापी की उजड़ी खेती सूखी की सूखी ही रही
उमड़े बादल गरजे बादल बूँदें दो बरसा न सके
- इब्न-ए-इंशा
बादल जब दरिया पर बरसा
दरिया ने बादल को देखा
- इमरान शमशाद
कैसी अँधेरी शाम थी उस दिन
बादल भी घर कर छाया था
- नासिर काज़मी
बादल तो खुल कर बरसा था
फिर भी सारा दिन जलता है
- कुमार पाशी