विज्ञापन

अशोक चक्रधर: क्यों नहीं जीते हो, इतनी क्यों पीते हो?

काव्य डेस्क

Irshaad Hasya
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            अशोक चक्रधर को हास्य कविता में काफ़ी ख्याति प्राप्त हैं। इसके अलावा वह बाल साहित्य के हास्य कवि भी हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के खुर्जा में सन 1951 को हुआ। अशोक चक्रधर फ़िल्म, टेलीफिल्म, वृत्तचित्र, धारावाहिक, फ़ीचर फ़िल्म व दूरदर्शन में लेखन, निर्देशन और अभिनय के साथ-साथ कवि सम्मेलनों में भी लोकप्रिय हैं।
        
                                                    
                            

डॉक्टर बोला-
दूसरों की तरह
क्यों नहीं जीते हो,
इतनी क्यों पीते हो?

वे बोले-
मैं तो दूसरों से भी
अच्छी तरह जीता हूं,
सिर्फ़ एक पैग पीता हूं।
एक पैग लेते ही
मैं नया आदमी
हो जाता हूं,
फिर बाकी सारी बोतल
उस नए आदमी को ही
पिलाता हूं।


- अशोक चक्रधर
साभार- कविता कोश
8 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kahar

5 कविताएं

View Profile

Shailja Jha

232 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10067 कविताएं

View Profile