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हमारे पाठक दिनेश चाैहान ने भेजी ये हाईकू कविता

dinesh chauhan

Haiku
                                    
                                                                        
                            गंगा के बीच
        
                                                    
                            
सिक्के तलाशते
बेचारे बच्चे।

गंदगी बही
बीच धारा गंगा में
शहर हंसा।

रात रोयी जो
गंगा के तट पर
पावनता थी।

गंगा किनारे
जो जमा हुआ दिखा
बलगम था।

सूखता रहा
तना बरगद का
चौराहे पर।

सूखता हुआ
पेड़ पीपल दिखा
घर के आगे।

- दिनेश चाैहान

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8 वर्ष पहले
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