आज दिल ये कह रहा हमको तुम्हीं से प्यार है।
इल्तजा दिल की सुनो अब कह भी दो इकरार है।
इश्क की होती रही है क्या ग़जब गुस्ताखियाँ,
सोच कर मदहोश होता दिल का हर इक तार है।
रात का खामोश मंजर कर रहा पागल मुझे ,
पास मेरे आ भी जाओ आज तो इतवार है।
इश्क़ ही है जात मेरी इश्क़ ही मेरा खुदा,
इश्क़ के बिन जिंदगी की हर खुशी बेकार है।
कह रही है "आन" अब तो दूर कर दो दूरियाँ,
क्यूँ भला होती रहे ये प्यार में तकरार है।