देवगुरु बृहस्पति आज 20 नवंबर की मध्य रात्रि 11बजकर 17 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 13 अप्रैल 2022 तक गोचर करेंगे उसके बाद मीन राशि में चले जाएंगे। ऐसे में गुरु ग्रह के कुछ अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं जो कुंभ राशि में गुरु ग्रह के प्रवेश के उपरांत यदि जातक करते हैं तो उन्हें कष्टों से मुक्ति मिलेगी।
हमारे सौर्यमंडल का सबसे बड़ा ग्रह अपनी नीच राशि मकर में से निकलकर आज यानि 20 नवंबर 2021 को शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करने जा रहा है। बृहस्पति आज यानि 20 नवंबर की मध्य रात्रि 11बजकर 17 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 13 अप्रैल 2022 तक गोचर करेंगे उसके बाद मीन राशि में चले जाएंगे।
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देवगुरु बृहस्पति भाग्य और सम्मान प्राप्ति के मुख्य कारक हैं। जैसा कि देखा जाता है गुरु ग्रह लगभग सभी ग्रहों के साथ मित्रवत व्यवहार रखता है। जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत भाव में होते हैं उन्हें सदैव शुभ फल प्रदान करते हैं। लेकिन कुछ राशि के जातकों के लिए यह अशुभ और कुछ के लिए मिश्रित परिणाम लेकर या सकता है। ऐसे में गुरु ग्रह के कुछ अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। जो कुंभ राशि में गुरु ग्रह के प्रवेश के उपरांत यदि जातक करते हैं तो उन्हें कष्टों से मुक्ति मिलेगी।
गुरु ग्रह के अशुभ प्रभाव को दूर करने के उपाय
जैसा कि सब जानते हैं गुरु ग्रह के शुभ होने पर व्यक्ति के पास मान सम्मान और धन की स्थिति बनी रहती है। आइए जानते हैं गुरु को शुभ बनाने के अचूक उपाय-
देवगुरु बृहस्पति को पीली चीजें प्रिय हैं। इसलिए गुरुवार को पीली वस्तुओं का सेवन व दान करें।
गुरुवार को केले व पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं इससे गुरु ग्रह का अशुभ असर कम होता है।
गुरुवार को स्नान आदि करने के बाद केसर का तिलक लगाएं।
गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
गुरवार को गुरु ग्रह को प्रसन्न करने के साथ भगवान शिव को प्रसन्न करें और उन्हें भोग के रूप में बेसन का लड्डू चढ़ाएं।
गुरुग्रह को प्रसन्न करने के लिए गुरुवात को ॐ बृं बृहस्पते नम: मंत्र का जाप करें।