नोबेल पुुरस्कार विजेता रुडयार्ड किपलिंग की कविता 'एक बच्चे का बाग' एक टी.बी. से पीड़ित, मोटर-गाड़ी से खिन्न बच्चे की भावना की कल्पना है; जिसे पूरे समय बगीचे में रहना पड़ता है, क्योंकि उस वक़्त इस रोग के इलाज में अधिक से अधिक ताजा हवा की हिदायत थी।
एक बच्चे का बाग
अभी मेरे साथ कुछ भी बुरा नहीं है
सिवा कि, वो क्या कहते हैं, टी.बी. है
और इसी कारण मुझे रहना पड़े है
पूरे-पूरे दिन यहाँ बाहर बाग में
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