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जन्मदिन विशेष, पाब्लो नेरूदा: चाँद चमकता है रोशनाई की तरह आवारा पानी पर...

पाब्लो नेरूदा
                
                                                         
                            20वीं सदी के महानतम कवियों में शुमार पाब्लो नेरूदा का जन्म 12 जुलाई 1904 में मध्य चीली के एक छोटे-से शहर पराल में हुआ था। नेरूदा को विश्व साहित्य के शिखर पर विराजमान करने में योगदान सिर्फ़ उनकी कविताओं का ही नहीं बल्कि उनके बहुआयामी व्यक्तित्व का भी था। 
                                                                 
                            

नेरूदा सिर्फ़ एक कवि ही नहीं बल्कि राजनेता और कूटनीतिज्ञ भी थे। 1971 में नेरूदा को फ़्रांस में चिली का राजदूत नियुक्त किया गया। पाब्लो नेरूदा को 1971 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

ऐसी करता हूँ तुमसे प्रीत
जैसे गहरे चीड़ों के बीच सुलझाती है हवा ख़ुद को
चाँद चमकता है रोशनाई की तरह आवारा पानी पर
दिन एक-से भागते हैं एक-दूजे का पीछा कर
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आह ! अकेला ।

8 वर्ष पहले

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