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वायरल शायरी : रंजिशे हैं अगर दिल में कोई तो खुलकर गिला करो...

viral shayari
                
                                                         
                            हर रोज, चुपके से, निकल आते हैं नये पत्ते ।
                                                                 
                            
यादों के दरख़्तों में, मैंने, कभी पतझड़ नहीं देखा ।। 

काश ! ऐसी लापरवाही हो जाये मुझसे की ।
मैं अपनी गम की गठरी कहीं भूल जांऊ ।। 
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5 वर्ष पहले

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