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Social Media Poetry: कुछ रिश्ते कभी टूटते नहीं बस मौन हो जाते हैं

वायरल काव्य
                
                                                         
                            कुछ रिश्ते कभी टूटते नहीं
                                                                 
                            
बस मौन हो जाते हैं
चुप्पियां मार देती हैं उन्हें
जब हर पल किसी आवाज़ की आदत हो 
फिर अचानक उसका चुप होना चुभता है
ख़ामोशी सहन नहीं होती
दम घुटता है खामोशी से
बात करने का कोई सिरा ही नहीं बचता
भयानक लगती है ये ख़ामोशी
लगता है कोई तिल तिल कर मार रहा हो
बहुत बार इंसान पुकारना चाहता है प्रिय को,
आ जाओ वापस
झेली नहीं जाती तुम्हारी चुप्पी
दुनिया उदास हो गई मेरी
हृदय बहुत बार पुकारता है उसको
कोशिशें करता है कि खामोशी की दीवार टूटे
पर आवाज़ लौट आती है वापस
दीवारों से टकराकर,गूँजती हुई
क्योंकि कोई सुनने वाला नही  होता 
फिर पुकारते हुए थक जाता है इंसान
कोई फायदा नहीं
उसके प्रिय को नहीं सुनाई देती कोई पुकार,
शायद उसकी आवाज़ नहीं पहुँचती
या कोई सुन कर भी अनसुना कर गया
धीरे धीरे आवाज़ घुट जाती है कंठ में ही
स्वर अवरुद्ध हो जाता है
आँखे बरसती है पहले
फिर आँसू भी सूख जाते हैं
आखिरकार आँसुओं की भी तो सीमा है
धीरे धीरे एक प्यारा रिश्ता दम तोड़ देता है
ख़ामोशी की चादर ओढ़कर सिसकते हुए...

साभार: सुप्रिया अजीत सिंह की फेसबुक वाल से 

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एक महीने पहले

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