आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

Social Media Poetry: हमें उपेक्षित करते रहना ताकत मिलती है !

वायरल काव्य
                
                                                         
                            हमें उपेक्षित करते रहना
                                                                 
                            
ताकत मिलती है ! 

औषधियाँ  देने  वाले जब 
रोगों  के  कारक हो जाते 
शब्दवेध के अभ्यासी जब
मृग के  संहारक हो जाते 

धनुष देखकर ही पैरों को
हिम्मत मिलती है !

प्रश्नावलियां बन जायें जब
सारी     ही    उत्तरमालाएं 
तो  फिर  कोई  हमें बताये 
लेकर प्रश्न कहाँ हम जाएं

कितने ही प्रश्नों की हल से
सूरत मिलती है !

हमें  उपेक्षित  करने वाले 
नई  दिशाएं  दे   जाते  हैं 
अनजाने ही सही किंतु वे
कई  दवाएं   दे   जाते  हैं 

वीरानों में भटके बिना कहाँ
छत मिलती है ! 

साभार: ज्ञानप्रकाश आकुल की फेसबुक वाल से 

2 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर