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Mohsin Naqvi Poetry: कौन सी बात है तुम में ऐसी, इतने अच्छे क्यूँ लगते हो 

उर्दू अदब
                
                                                         
                            इतनी मुद्दत बा'द मिले हो 
                                                                 
                            
किन सोचों में गुम फिरते हो 

इतने ख़ाइफ़ क्यूँ रहते हो 
हर आहट से डर जाते हो 

तेज़ हवा ने मुझ से पूछा 
रेत पे क्या लिखते रहते हो 

काश कोई हम से भी पूछे 
रात गए तक क्यूँ जागे हो 

में दरिया से भी डरता हूँ 
तुम दरिया से भी गहरे हो 

कौन सी बात है तुम में ऐसी 
इतने अच्छे क्यूँ लगते हो  आगे पढ़ें

4 वर्ष पहले

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