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Ehsaas shayari: तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया

उर्दू अदब
                
                                                         
                            अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को 
                                                                 
                            
मैं ने औरों से सुना है कि परेशान हूँ मैं 
- आसी उल्दनी

तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया 
ख़ुश हूँ कि कुछ न कुछ तो मिरे पास रह गया 
- अब्दुल हमीद अदम आगे पढ़ें

4 वर्ष पहले

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