ज़मीं पे इंसाँ ख़ुदा बना था वबा से पहले
वो ख़ुद को सब कुछ समझ रहा था वबा से पहले
पलक झपकते ही सारा मंज़र बदल गया है
यहाँ तो मेला लगा हुआ था वबा से पहले
तुम आज हाथों से दूरियाँ नापते हो सोचो
दिलों में किस दर्जा फ़ासला था वबा से पहले
अजीब सी दौड़ में सब ऐसे लगे हुए थे
मकाँ मकीनों को ढूँढता था वबा से पहले
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