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Social Media Poetry: कुछ भी कर लो यार नहीं मिल पायेगा

वायरल काव्य
                
                                                         
                            कुछ भी कर लो यार नहीं मिल पायेगा 
                                                                 
                            
यूँ  टिंडर  पर  प्यार  नहीं  मिल पायेगा 

झूला  तो मिल सकता है शहरों में भी 
सावन का  त्योहार  नहीं मिल पायेगा

प्यार न करना उससे वह शहजादी है
हार  मिलेगी  हार  नहीं मिल पायेगा
 
तुमने   बेहोशी   में   सपने   देखे   हैं 
सपनों को आकार नहीं मिल पायेगा
 
जिससे मिलना प्यार लुटा देना सारा
हर कोई हर बार नहीं मिल पायेगा !

साभार: ज्ञान प्रकाश आकुल की फेसबुक वाल से 
2 वर्ष पहले

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