आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

आज का शब्द: उद्वेग औऱ अज्ञेय की कविता 'अपने प्रेम के उद्वेग में'

aaj ka shabd udveg agyeya hindi kavita apne prem ke udveg mein
                
                                                         
                            

हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है उद्वेग जिसका अर्थ है - 1. तेज़ गति 2. चित्त की आकुलता; जोश। कवि अज्ञेय ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 

अपने प्रेम के उद्वेग में मैं जो कुछ भी तुमसे कहता हूँ,
वह सब पहले कहा जा चुका है।

तुम्हारे प्रति मैं जो कुछ भी प्रणय-व्यवहार करता हूँ,
वह सब भी पहले हो चुका है।

तुम्हारे और मेरे बीच में जो कुछ भी घटित होता है
उससे एक तीक्ष्ण वेदना-भरी अनुभूति मात्र होती है
—कि यह सब पुराना है, बीत चुका है,
कि यह अभिनय तुम्हारे ही जीवन में मुझसे
अन्य किसी पात्र के साथ हो चुका है!

यह प्रेम एकाएक कैसा खोखला और निरर्थक हो जाता है! 

2 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर