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आज का शब्द: नेत्र और हरिवंशराय बच्चन की कविता-  इसीलिए खड़ा रहा कि तुम मुझे पुकार लो !

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- नेत्र, जिसका अर्थ है- आँख, नयन। प्रस्तुत है हरिवंशराय बच्चन की कविता-  इसीलिए खड़ा रहा कि तुम मुझे पुकार लो !
                                                                 
                            

इसीलिए खड़ा रहा
कि तुम मुझे पुकार लो!

एक

ज़मीन है न बोलती
न आसमान बोलता, 
जहान देखकर मुझे 
नहीं ज़बान खोलता, 

नहीं जगह कहीं जहाँ
न अजनबी गिना गया, 

कहाँ-कहाँ न फिर चुका 
दिमाग़-दिल टटोलता, 

कहाँ मनुष्य है कि जो 
उमीद छोड़कर जिया, 
इसीलिए अड़ा रहा 
कि तुम मुझे पुकार लो!

इसीलिए खड़ा रहा
कि तुम मुझे पुकार लो! आगे पढ़ें

3 वर्ष पहले

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