'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- मातेश्वरी, जिसका अर्थ है- देवी, जिन्होंने अनेक असुरों का वध किया और जो आदि शक्ति मानी जाती हैं। प्रस्तुत है बिन्दु जी की कविता- कहता कोई तू है प्रकृति कहता कोई आदिशक्ति है
मातेश्वरी तू धन्य है, मातेश्वरी तू धन्य है।
कहता कोई सीता तुझे कहता कोई तू शक्ति है।
कहता कोई तू है प्रकृति कहता कोई आदिशक्ति है।
तू सर्वरूपा प्रेमियों के प्राणधन की शक्ति है।
माते अमित उपकार का आनंद अनुभव जन्य है।
मातेश्वरी तू धन्य है, मातेश्वरी तू धन्य है।
तू कुटिल खलदल ले लिए है कुटिल मूर्ति करालिका।
हरिहर विमुख नर के लिए है कृत्या तू ही कालिका॥
तू प्रभु पदाश्रित जीव की प्रत्येक पल प्रतिपालिका।
तू वैष्णवी है वैष्णवों के कंठ तुलसी मालिका॥
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