आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

आज का शब्द: मातेश्वरी और बिन्दु जी की कविता- कहता कोई तू है प्रकृति कहता कोई आदिशक्ति है

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- मातेश्वरी, जिसका अर्थ है- देवी, जिन्होंने अनेक असुरों का वध किया और जो आदि शक्ति मानी जाती हैं। प्रस्तुत है बिन्दु जी की कविता- कहता कोई तू है प्रकृति कहता कोई आदिशक्ति है
                                                                 
                            

मातेश्वरी तू धन्य है, मातेश्वरी तू धन्य है।
कहता कोई सीता तुझे कहता कोई तू शक्ति है।

कहता कोई तू है प्रकृति कहता कोई आदिशक्ति है।
तू सर्वरूपा प्रेमियों के प्राणधन की शक्ति है।

 माते अमित उपकार का आनंद अनुभव जन्य है।
 मातेश्वरी तू धन्य है, मातेश्वरी तू धन्य है।

तू कुटिल खलदल ले लिए है कुटिल मूर्ति करालिका।
हरिहर विमुख नर के लिए है कृत्या तू ही कालिका॥

तू प्रभु पदाश्रित जीव की प्रत्येक पल प्रतिपालिका।
तू वैष्णवी है वैष्णवों के कंठ तुलसी मालिका॥ आगे पढ़ें

3 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर