हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है जिसका अर्थ है 1. जो दूरी पर स्थित हो 2. जिसकी वर्तमान में घटित होने की संभावना न हो। इस शब्द को कवयित्री अनामिका ने अपनी कविता में प्रयोग किया है।
बरसात का मतलब है
हो जाना दूर और अकेला।
उतरती है सांझ तक बारिश -
लुढ़कती-पुढ़कती, दूरस्थ -
सागर-तट या ऐसी चपटी जगहों से
चढ़ जाती है वापस जन्नत तक
जो इसका घर है पुराना।
सिर्फ़ जन्नत छोड़ते वक़्त गिरती हैं बूंद-बूंद बारिश
शहर पर।
बरसती हैं बूंदें चहचहाते घंटों में
जब सड़कें अलस्सुबह की ओर करती हैं अपना चेहरा
और दो शरीर
लुढ़क जाते हैं
कहीं भी हताश -
दो लोग जो नफ़रत करते हैं
एक-दूसरे से
सोने को मजबूर होते हैं साथ-साथ।
यही वह जगह है
जहां
नदियों से हाथ मिलाता है
अकेलापन।
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