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आज का शब्द: देदीप्यमान और लावण्या शाह की कविता- ऋतु वसंत ने पहने गहने

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- देदीप्यमान, जिसका अर्थ है- चमकता हुआ। प्रस्तुत है लावण्या शाह की कविता- ऋतु वसंत ने पहने गहने
                                                                 
                            

कोकिला ओ कोकिला

ऋतु वसंत ने पहने गहने-
झूम रहीं वल्लरियाँ।
मधु गंध उड़ रही चहुँ दिशि
बहे मीठे जल की निर्झरियाँ
आ गया आ गया वसंत
कूक उठी है कोकिला।

शतदल-शतदल खिली कमलिनी
मधुकर से है गुंजित नलिनी
केसर से ले अंगराग
नाच रही चंचल तितली
रति अनंग का गीत प्रस्फुटित
बोल उठी है कोकिला।

झूल रहीं बाला उपवन में
बजती पग में किंकिणियाँ
चपल चाल से मृदुल ताल से
हँसती खिलती हैं कलियाँ
नाच रहा जग नाच रहा मन
झूम उठी है कोकिला।
2 वर्ष पहले

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