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आज का शब्द: भव और भारत भूषण की कविता... सागर के सीप

आज का शब्द- भव और भारत भूषण की कविता: सागर के सीप
                
                                                         
                            भव का अर्थ है- जन्म, उत्पत्ति, शिव, मेघ या बादल और संसार या जगत। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- भव। प्रस्तुत है भारत भूषण की कविता: सागर के सीप
                                                                 
                            

ये उर-सागर के सीप तुम्हें देता हूँ 
ये उजले-उजले सीप तुम्हें देता हूँ 

है दर्द-कीट ने 
युग-युग इन्हें बनाया 
आँसू के 
खारे पानी से नहलाया  आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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