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शकील बदायूंनी: ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया

शकील बदायूंनी: ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया
                
                                                         
                            'उन्हें अपने दिल की ख़बरें मिरे दिल से मिल रही हैं
                                                                 
                            
मैं जो उन से रूठ जाऊँ तो पयाम तक न पहुँचे'

अपने ख़ूबसूरत फ़िल्मी गीतों और दिलकश ग़ज़लों से आम लोगों के दिलों पर छा जाने वाले शायर शकील बदायूंनी का जन्म 3 अगस्त 1916 को बदायूं में हुआ था। शकील बदायूंनी शायरी की ज़मीं से फ़िल्मों की दुनिया में आये थे। आज तक कुछ गिने चुने साहित्यकार ही शोहरत के इस मक़ाम पर पहुंच सके हैं। उनकी जादुई क़लम ने हिंदी सिनेमा जगत को कई शानदार और सदाबहार गीत दिए जो आज भी लोगो की ज़ुबां पर क़ायम हैं।

'ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया
जाने क्यों आज तेरे नाम पे रोना आया'
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4 वर्ष पहले

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