आपका शहर Close
Hindi News ›   Kavya ›   Mud Mud Ke Dekhta Hu ›   Vibhuti Narain Rai say about firaq gorakhpuri and harishankar parsai
Firaq Gorakhpuri

मुड़ मुड़ के देखता हूं

विभूतिनारायण राय बताते हैं- मैंने परसाई जी को इतना नर्वस कभी नहीं देखा, फ़िराक़ से मिलने के बाद...

अमर उजाला, काव्य डेस्क, नई दिल्ली

435 Views
फ़िराक साहब आधुनिक शायरी के आख़िरी शास्त्रीय (क्लासिक) शायर थे लेकिन हैरत है कि  कि प्रेम और सौंदर्य के तीव्र बोध का यह शायर अपने जानने वालों में अपनी शायरी से ज़्यादा अपनी सनक, हेकड़ी और बदमगज़ी के लिये भी जाना जाता है। 

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, वर्धा  के पूर्व कुलपति और उपन्यासकार विभूतिनारायण राय हैं जिन्होंने बारहा फ़िराक़ को देखा और जाना था। आगे पढ़ें

फ़िराक़ साहब के बंगले के सामने से गुज़रते हुए...

सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!