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एक कवि हमारे सामने खुली आत्मा की तरह होता है...

खुली किताब
                
                                                         
                            मैं गियुला नाम के एक छोटे से शहर में बड़ा हुआ, जो हंगरी और रोमानिया की सीमा पर स्थित है। मेरी दो किताबें सतांतागो और द मलान्क्ली ऑफ रेजिस्टेंस इसी शहर से प्रभावित है। बीस साल की उम्र से ही मैं अपने दिमाग के भीतर ही काम करता हूं। यह कुछ ऐसा है कि कोई मेरे भीतर लगातार बोलता रहता है। मैं अपने दिमाग में उस आवाज से जुड़ने की कोशिश करता हूं। अगर मैं अपने भीतर उस आवाज या संगीत को समझ पाता हूं और पीछा करता हूं, तो पंद्रह से बीस पृष्ठ तक लगातार लिखता जाता हूं।
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                
                                             
                                                
                                                                
                                        
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इस दुनिया में मेरे अलावा ढेर सारे दिलचस्प लोग हैं...

7 वर्ष पहले

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