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फूल तुम्हें भेजा है ख़त में...प्रेम का मनुहार भरा आमंत्रण है यह गीत 

film saraswatichandra song of love is a perfect class on devotion
                
                                                         
                            
कई गीत ऐसे होते हैं जो किसी बिंब या प्रतीक के सहारे अपनी पूरी बात कह जाते हैं। 1968 में रिलीज सरस्वतीचन्द्र का यह गीत मुझे इसीलिए पसंद है। गीत के बोल इंदिवर ने दिए हैं। संगीत से इसे कल्याणजी आनंदजी ने सजाया है। लता मंगेशकर और मुकेश ने इसमें अपनी आवाज़ दी हैं।

यह गीत प्रेम का स्वर्गिक स्वरूप अापके समक्ष रखता है। वादों और विश्वास की महीन चादर बुनता है। प्रीत की रीति दुनिया को सिखाता है। गीत भावभरे एक व्याकुल मन को गहरा ठहराव देता है। यह गीत प्रेम के बाद बदले में कुछ मांगने वाली सोच को दरकिनार करते हुए सिर्फ और सिर्फ समर्पण की बात कहता है। 
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प्रेम क्या है, शायद एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति...

8 वर्ष पहले

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