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आपके गीतकार - यहां सुनें ‘आनंद बक्शी’ के लिखे सुरीले नग़्मे

आनंद बक्शी
                
                                                         
                            

आनंद बक्शी जीवन भर ख़यालों को शब्दों में पिरोने का काम करते रहे। यूं तो वह गायक बनने फ़िल्मी दुनिया में पहुंचे थे लेकिन गीतकार बन गए। ऐसे गीतकार जिनके लिखे नग़्मों को सुनने वालों ने भरपूर प्यार दिया। उन्होंने क्लासिक हिट तो दिए ही साथ ही 90 के दशक के बाद लिखे गए उनके गीत भी ख़ासा लोकप्रिय हुए। 


प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है
हर खुशी से, हर ग़म से, बेगाना होता है

शमां कहे परवाने से, परे चला जा 
मेरी तरह जल जायेगा, यहाँ नहीं आ
वो नहीं सुनता, उसको जल जाना होता है

रहे कोई सौ परदों में, डरे शरम से 
नज़र अजी लाख चुराये, कोई सनम से
आ ही जाता है, जिसपे दिल आना होता है


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तुझे देखा तो ये जाना सनम

7 वर्ष पहले

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