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कविता - 1

                
                                                         
                            मंजिल पा लोगे तो सब्र आ जाएगा,
                                                                 
                            
उसके बाद सब करीब हो जाएगा,
उसके बाद करनी है नोकरी ये ऐलान हो जाएगा,
फिर शादी का पैगाम हो जाएगा,

बीबी आते ही नया राशन आ जाएगा,
राशन के साथ साथ बासन आ जाएगा,
अब गुन्नु मुन्नू की बारी आएगी,
तब उनकी स्कूल फीस जाएगी,
अब ज़िंदगी थोड़ी आगे जाएगी,

कुछ नए झगड़े सामने आ जाएगे,
कुछ बीबी के कुछ रिसतेदारों के उलाने आ जाएगे,
अब बीबी भी खफा हो जाएगी,
अब नयी टेंशन और चिंता हो जाएगी,

की इतने मे बच्चो की शादी हो जाएगी,
पता ना चलेगा कब सेवानिव्रति हो जाएगी,
फिर एक दिन सोचोगे,
की माँ-बाप ने कहा था वो हो जाएगा,
क्या इस मंजिल से सब्र आ जाएगा।

लेखक- डॉ॰युवराजसिंह
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3 वर्ष पहले

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