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सच्ची शुभकामना....

                
                                                         
                            उगते हुए सूरज- सा चमको ,
                                                                 
                            
तुम कर दो जग-रौशन सारा,

खिल-खिलाते फूलों सा महकों,
हो तुझसे सुरभित यह परिवेश, धरा ।

चंदा-सी हो शीतलता तुझमें,
और पाटल - सी गुलाबी हो,
रहो बुरी नजर से सदा बची,
तुम उजियारे का दीप बनो।

इस जन्मदिवस के शुभ अवसर पर,
क्या भेंट करूँ तुझको उपहार,
बस ऐसे ही स्वीकार करो,
ये चंद पंक्तियाँ सादर - आभार।

- युवराज सिंह 'बृजेश'
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3 वर्ष पहले

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