दिल मे लगी गिरह,आज खोल देते हैं।
गिले शिकवे बैठकर, सब बोल देते हैं।।
जख्मों मे अभी कितना, दर्द बाकी है।
दोनो मिलकर आज इसे,तोल लेते हैं।।
-यूनुस खान
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