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कौन सुने

                
                                                         
                            मेरी दर्द भरी आह, अब कौन सुने।
                                                                 
                            
मेरे घर की राह भी,अब कौन चुने।।

हर मोड़ पर जिन्हें तन्हाई मिली है।
ऐसे मे हसीं ख्वाब, अब कौन बुने।।
-यूनुस खान
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2 वर्ष पहले

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