वो आते ही, जाने की बात करता है।
ऐसे, करीब आने की बात करता है।।
लबों की तपिश का, इल्म नहीं उसे।
वो क्यूं, मयखाने की बात करता है।।
मेरी खुशियों से , उसे सरोकार नहीं।
पर बज़्म सजाने की बात करता है।।
वो चाहता नहीं, मेरे घर उजाला हो।
हां , दीप जलाने की बात करता है।।
-यूनुस खान
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