हां, खुद को कुसूर वार मानता हूं मैं।
क्यूं कि फूलों को खार मानता हूं मैं।।
मुकद्दर समझकर, ख़ामोश हो गया।
हारने से पहले ही हार मानता हूं मैं।।
-यूनुस खान
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