यक़ीनन,घर जैसी बात होती है।
जब , तुझसे मुलाकात होती है।।
दिन की तन्हाई कम खलती है।
ना पूछ, जब-जब रात होती है।।
मेरा आंगन , सूखा ही रहता है।
पर, हर जगह बरसात होती है।।
-यूनुस खान
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